Wednesday, June 12, 2013















 

मेरे मरने के बाद मेरी कहानी लिखना 
कैसे  बर्बाद हुई मेरी जवानी लिखना 
और लिखना की मेरे होंट ख़ुशी को तरसे 
कैसे बरसा मेरी आँख से पानी लिखना 
और लिखना की उससे इंतज़ार बहुत था तेरा 
आखरी सांस की हिचकी की रवानी लिखना 
लिखना की मरते वक़्त भी देता था दुआएं तुझको 
हाथ बाहर थे कफ़न से ये निशानी लिखना ..............

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