मेरे मरने के बाद मेरी कहानी लिखना
कैसे बर्बाद हुई मेरी जवानी लिखना
और लिखना की मेरे होंट ख़ुशी को तरसे
कैसे बरसा मेरी आँख से पानी लिखना
और लिखना की उससे इंतज़ार बहुत था तेरा
आखरी सांस की हिचकी की रवानी लिखना
लिखना की मरते वक़्त भी देता था दुआएं तुझको
हाथ बाहर थे कफ़न से ये निशानी लिखना ..............
No comments:
Post a Comment